"बेरोजगारी"
बेरोजगारी है एक बीमारी, जो समझाये वो अत्याचारी, मैं नही कह रहा ये सब है जानते, समझाने बाले को अपना शत्रु है मानते, बेरोजगार की भी यहाँ होती है श्रेणिया, कुछ बैठे है घर पे कुछ लगाते है रेड़िया, रेड़ी बाले तो चलो कुछ न कुछ कमाते है, घर बैठने बाले केवल ताने सुनते जाते है, घरवालों तक तो ठीक था, रिश्तेदार भी ताने मार जाते है, अगर इनसे कुछ पूछो, तो बोलते है फलां के बेटे इतने कमाते है, अरे भाई बेरोजगारों का भी दिल होते है, घर पे बैठ के भी न चैन से ये सोते है, अगर पैसा कमाये तो राजाबेटा, नही तो ये काम चोर होते है, वैसे तो ये बहुत जरूरी होते है, फिर लोग जाने क्यों इन्हें बेरोज़गार कहते है, घर का ये सारे काम कर लाते है, फिर भी ये बेरोज़गार कहलाते है, - इ० यशवन्त दुबे 'मयंक'