दोस्ती

किसी के लिए दोस्ती प्यार है,
कोई कहता है  सच्चा यार है,
कोई दोस्ती को समझता व्यापार है,
लेकिन दोस्ती का केवल वो हकदार है,
जो दोस्त के लिए हमेशा तैयार है,
दोस्तों के साथ समय का पता नही चलता,
बैठे रहते है बातों में दिन भर,
फिर भी  ये दिल नही भरता,
दोस्ती  में लोग कुछ भी कर जातें है,
दोस्त अगर मुसीबत में हो तो हद से गुजर जातें है,
दोस्ती में अमीर- गरीब ,छोटा-बड़ा नही होता है,
ये तो दिल का रिश्ता है 
जो क़द्र करता है वही बोता है


-इ० यशवन्त दुबे 'मयंक'

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